अवतार मीमांसा

55.00

21 Items sold in last 3 hours
20 People watching this product now!

पुष्प संख्या – 45
भाषा – *हिन्दी*
पृष्ठ संख्या – 116
पुस्तक आकार – 135×220mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2024)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

“अवतारमीमांसा” – पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ – पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्‌गुरु – शङ्कराचार्यमहाभाग – विरचित अद्भुत ग्रन्थ है। इसमें सरल, सरस, शास्त्रसम्मत, युक्तियुक्त शैलीमें अवतारसे सम्बद्ध सामग्रियोंका समावेश दृष्टिगोचर है। इसमें श्रीहरिगुरुकरुणासुलभ अनुपम प्रज्ञाशक्तिकी चमत्कृति सर्वत्र परिलक्षित है। अवतारविग्रहसे सम्बद्ध भक्ति और ज्ञानमार्गिकोंद्वारा उपेक्षित विविध महत्त्वपूर्ण तथ्योंका प्रकाश इसकी अपूर्वता है। इसमें कार्यब्रह्म, कारण ब्रह्म, कार्यकारणातीत परब्रह्मका, एक देव तथा पञ्चदेवका और सौर, वैष्णव, शैव, शाक्त तथा गाणपत्य प्रस्थानगत पञ्चदेवोंका एवम् उक्त देवोंमें सामञ्जस्यका अनुपम प्रकार सन्निहित है। दार्शनिक धरातलपर अवतारसे सम्बद्ध विषयोंपर समग्र प्रकाश डालनेवाला यह अद्वितीय ग्रन्थ है। पुराणोक्त कथाभागके आधारपर भगवल्लीलाकी रसमयी अभिव्यक्ति करनेवाली विविध संरचना अन्यत्र सुलभ होनेके कारण प्रस्तुत ग्रन्थमें उसका समावेश सूत्ररूपमें ही किया गया है।

0 reviews
0
0
0
0
0

There are no reviews yet.

Be the first to review “अवतार मीमांसा”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Swasti Prakashan Sansthanam

Related Products