गीतोक्त त्रियोग

40.00

12 Items sold in last 3 hours
26 People watching this product now!

पुष्प संख्या – 144
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 36
पुस्तक आकार – 135×220mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – प्रथम (सन् 2017)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

श्रीगोवर्द्धनमठ – पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु – शङ्कराचार्य स्वामी निश्चलानन्दसरस्वती महाभागने अद्भुत मनोयोगपूर्वक ‘गीतोक्त त्रियोग’ नामक निबन्धकी संरचना की है। इसमें श्रीमद्भगवद्गीता में सन्निहित कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोगका श्रुति, युक्ति तथा अनुभूति त्रिविध विधासे दार्शनिक, वैज्ञानिक और व्यावहारिक धरातलपर मनोरम विवेचन प्रस्तुत है। इसमें समुद्धृत भगवद्वचनोंका सूत्रशैलीमें रस – रहस्यपूर्ण तात्पर्य भी व्यक्त है। “स्वस्तिप्रकाशनसंस्थान”- श्रीगोवर्द्धनमठ – पुरीपीठ पुरीका ‘गीतोक्त त्रियोग’ (श्रीमद्भगवद्गीतामें सन्निहित कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोगका मार्मिक विवेचन) १४४ वाँ पुष्प है। विद्वद्भोग्य इस निबन्धके आद्यन्त अनुशीलनसे अद्भुत आह्लाद और अध्यात्मनिष्ठाकी स्फूर्ति सुनिश्चित है।

0 reviews
0
0
0
0
0

There are no reviews yet.

Be the first to review “गीतोक्त त्रियोग”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Swasti Prakashan Sansthanam

Related Products